Thursday, 20 July 2017

जैक मा- ने इससे पहले कभी भी इंटरनेट नहीं चलाया था

हारने वाले हमेशा असफलता के ड़र के बारे में सोंचते हैं। लेकिन जितने वाले हमेशा सफलता के पूरुस्कार के बारे में सोंचते हैं। दोस्तों मैं आपको अली बाबा ड़ाट काम के फाउन्डर और इस समय चीन के सबसे धनी व्यक्ति जैक मा के सफलता के कहानी के बारे में बताने जा रहा हूँ। जैक मा विश्व के सबसे सफल इन्टरप्रिन्योर में से एक हैं। उनकी कूल सम्पत्ति 20 मिलियन ड़ालर आंकी गई है। दोस्तों जैक ने यह सफलता इतनी आसानी से नहीं पायी है। उनके संघर्षो को अगर आप जानेंगे तो आश्चर्य  करेंगे कि इतनी असफलताओं के बाद भी कोई आदमी आगे बढ़ते रहने रहने की सोंच सकता है। जैक मा का जन्म 10 सितम्बर 1964 को चीन की एक छोटे से गाँव में हूआ था। जब वे 13 साल के थे तभी उन्होने इंग्लिश  सिखनी शुरु कर दी थी।




ऐसा चीन में बहूँत कम लोग ही करते थे क्योंकि उस समय चीन की प्रमुख भाशा चीनी ही थी और इंग्लिष सिखना जरुरी नहीं माना जाता था। इंग्लिष सिखने के लिए उन्होने किसी षिक्षक का सहारा नहीं लिया था बल्कि वे टूरिस्ट गाइड बन गए थे और टूरिस्टों को धूमाने के दौरान वे उनसे इंग्लिष मं बातें करने की कोषिष किया करते थे। उन्होने यह काम करीब 9 साल तक किया जिससें उन्हें इंग्लिष का अच्छा नालेज हो गया था। दोस्तों जैक मा का वास्तविक नाम मा यू न है। इन विदेषिसों को गाईड करते करते उनकी एक विदेषी व्यक्ति से गहरी मित्रता हो गई जो उन्हें पत्र लिख करता था और उसी विदेषी मित्र ने उन्हें जैक नाम दिया क्योंकि चीनी में उनका नाम बोलना और लिखना बहँूत ही कठीन था। तब मा यू न को तब से जैक के नाम से जाना जाता है। जैक का पढ़ाई में मन बिल्कूल ही नहीं लगता था।




इसी वजह से 4 क्लास में 2 बार और 8 क्लास में 3 बार फेल हो गए कैसे भी करके ये सभी इक्जाम पास की तो ग्रेजुऐषन के इंट्रेस इक्जाम में उन्हें 5 बार असफलताएँ मिली उसके बाद जैक ने एक बहँूत ही खाराब माना जाने वाला इंस्टियूट में दाखिला ले लिया जहाँ से 1988 में उन्होने इंग्लिष ग्रेजुएषन के इक्जाम पास की। जैक मा की कैरियर की षुरुवात भी बहँूत ही असफलताओं से भरा हुआ था। उन्होने 30 अलग-अलग जगहों पर नौकरी के लिए ओदन किए लेकिन उन्हें हर बार नीराषा ही हाथ लगी इसी बीच वो एक ज्ञथ्ब् में नौकरी केे लिए गए उस समय ज्ञथ्ब्  चीन में पहली बार आया था। इस नौकरी के लिए 24 लोगों ने आवेदन किया था जिसमें से 23 लोग सलेक्ट हो गए लेकिन एक मात्र जैक का चयन नहीं हूआ। षुरु से इंग्लिष अच्छी होने के कारण बाद में उन्हें एक काॅलेज में ऐजर लैक्चरार रख लिया गया। उसके बाद उन्होने कूछ दिनों तक ट्रांसलेटर का काम किया। 1995 के षुरुवात में वे अपने दोस्त से मिलने अमेरीका गए।


जहाँ उन्होने पहली बार इंटरनेट देखा। जैक मा ने इससे पहले कभी भी इंटरनेट नहीं चलाया था। जैक ने जब पहेली बार इंटरनेट चलाया था तो उन्होने  बीएड शब्द खोजा उन्हें बीएड संबंधित बहूँत से जानकारीयाँ अलग-अलग देशों से प्राप्त हूई। लेकिन वह यह देखकर चैक गए की उस सर्च में चीन का नाम कहीं भी नहीं था। फिर उन्होने चीन के बारे में सानमान्य जानकारीयाँ ढ़ँढ़ने की कोषिष की लेकिन फिर उन्होने पाया कि चीन की कोई भी जानकारियाँ इंटरनेट पर मौजूद नहीं थी। जैक को इंटरनेट पर एक अच्छा आफरचैनूटी दिख रहा था। जिसके बाद जैक ने इंटरनेट से ही जूड़ी हूई इसी काम को करने का सोंचा उन्होने थोड़ा और रिषर्च किया और फिर अपने देष के छोटे बड़े बेवसाय को इंटरनेट से जोड़ने के लिए अपने फ्रेंड़स के साथ मिलकर एक वेबसाईट बनाई जिसका नाम - चाईना योलो पेज था। कान्सेप्ट अच्छा होने के बाउजूद उन्हें चीन में इसके लिए फंडिग नहीं मिल पायी जिसके कारण उन्हें इसे भी बंद करना पड़ा। दोस्तों इतने असफलता के बाद तो कोई षायद ही होगा जो आगे फिर कूछ और करना चाहेगा।


लेकिन नहीं जैक ने अपने पुराने कमियों को ध्यान में सख्ते हूए अपने वाईफ और अन्य 20 लोगों के साथ मिलकर उसी कांसेफ्ट के साथ फिर से एक नया वैबसाईट बनाया जिसका नाम अली बाबा डाट काॅम था। इसमें भी षुरुवात में उन्हें थोड़ी सी प्राब्लम फेस करनी पड़ी लेकिन साफ्ट बैंक के एक बड़े निवेश  के साथ कंपनी ने कभी भी पिछे मुड़कर नहीं देखा और देखते ही देखते दुनिया की सबसे बड़ी ई-काॅमर्स कंपनी ई बे को अगले 4 सालों के अन्दर ही अन्दर देश से बाहार का रास्ता दिखा दिया। जैक मा आज दूनिया के रिचेश्ट पर्सन में गिने जाते हैं। उनकी कूल संपत्ति 20 मिलियन से भी ज्यादा है।




दोस्तों अली बाबा की नेटवर्क फेसबूक से भी कहीं ज्यादा है और जितना कमाई एमाजान और ई-बे मिलकर करती हैं उससे ज्यादा जैक की कंपनी अकेले करती है। दोस्तों हमें असफलताओं से धबराना नहीं चाहिए बल्कि उसका समझदारी के साथ मिलकर मुकाबला करना चाहिए। क्योंकि वक्त हमेषा एक सा नहीं होता है। अगर आपकी जिंदगी में अभी छांव है तो इंतजार किजिए सफलता की किरन आपकी जिंदगी को भी रोषन करेगी। दोस्तों किसी काम में असफलता मिलने पर हतास न हों असफलता तो आपको ज्यादा समझदारी से उसी काम को दुबारा करने का मौका देती है।


आपका बहुमूल्य समय देने के लिए बहुत -बहुत  धन्यवाद....दोस्तों मैं हर रोज एक नए  प्रेरणा दायक  जीवन की सच्ची कहानी लेकर आता हु  दोस्तों अगर  आप हमारी  कहानी को मिस नहीं करना चाहते तो  कृपया  हमारे फेसबुक पेज को लाइक (LIKE ) करले  एक क्लिक  में।  आपको ये कहानी कैसी लगी हमें  कमेंट  (COMMENT ) करके जरूर बताये और अभी तक आपने  हमारे  ब्लॉग  को  सब्सक्राइब (SUBSCRIBE )  नहीं किये है तो  जल्दी से  मुफ्त  में  सब्सक्राइब (SUBSCRIBE ) करलें ताकि जब भी मैं कोई पोस्ट  डालू  तो सबसे पहले आप तक  नोटिफिकेश (सन्देश )पहुँच जाये।

और अधिक जानने के लिए यहाँ क्लिक करें   

Blog Archive

Followers

Author Details