Wednesday, 31 May 2017

निर्देष का इंतजार

             
  एक क्लास का प्रयोग षाला का पीरियड हुआ। सभी छात्र लैब में एकत्रित हो गए मास्टरजी ने कहा आज हमस ब इस नई मषीन को चालना सीखेगे ।इतने में मास्टरजी को बाहर से किसी ने बुलाया ।वह चले गए मास्टर जी लौटे तो पीरियड में सिर्फ पांच मिनट ही बचें थें उन्हाने आकर छात्रों से पुछा तुमने इतनी देर  में मयाीन देखा या नही ? प्रतिदिन बोले छात्र बोले नही सर हम आपकी ओर से निर्देष दिए जाने पर ही तो इसे चलान सीख सकते है। तब एक छात्र नें बोला सर मै मषीन को देखने लगा गया है। मैने प्या की इसके प्रयोग करने का तरीका बताया है। मुझें काफी हद तक आ गया है। मास्टर जी मुस्कुराए और बोला हां हर समय निर्देष का इतिजार करके आपनी क्षमताए कुंद मत करों
म्ंात्रः- सिर्फ निर्देष से संचालित न हों।

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