एक आॅफिस में एक प्रोजेक्ट के लिए दों लोगों की अपनी योग्यता साबित करनी थी । पुस्कार राषि इतनी ज्यादा थी दोनो ही दवेदार बेहद उत्साहित हो गए पहले ब्यक्ति ने खुद को मिली तीन दिन की अवधि के षुरूवात डेढ़ दिन में ही करने दे दिया जबकि दूसरे तीसरे जमा करया । जब परिणाम आया तों दूसरा दावेदार जीता इस पर पहला दावेदार बोला मुझें बाद में ध्यान आया कि यदि मै।फला तकनीक लगाता है। तो मेंरा प्रोजेक्ट सर्वश्रेश्ठ होता है। तब नियोक्ता नें कहा समयवधि देने का आषय यही था। कि आप तय आवधि में आपनी सर्वश्रेश्ठ तरकीब लगाए षांत रहकर आप आपनें सारे हुनर प्रयोग में लगा सकते है। जल्दबाजी में कुछ छूट ही जाता है। जिस पर बाद में पछतावा होने लगता है।
एक आॅफिस में एक प्रोजेक्ट के लिए दों लोगों की अपनी योग्यता साबित करनी थी । पुस्कार राषि इतनी ज्यादा थी दोनो ही दवेदार बेहद उत्साहित हो गए पहले ब्यक्ति ने खुद को मिली तीन दिन की अवधि के षुरूवात डेढ़ दिन में ही करने दे दिया जबकि दूसरे तीसरे जमा करया । जब परिणाम आया तों दूसरा दावेदार जीता इस पर पहला दावेदार बोला मुझें बाद में ध्यान आया कि यदि मै।फला तकनीक लगाता है। तो मेंरा प्रोजेक्ट सर्वश्रेश्ठ होता है। तब नियोक्ता नें कहा समयवधि देने का आषय यही था। कि आप तय आवधि में आपनी सर्वश्रेश्ठ तरकीब लगाए षांत रहकर आप आपनें सारे हुनर प्रयोग में लगा सकते है। जल्दबाजी में कुछ छूट ही जाता है। जिस पर बाद में पछतावा होने लगता है।

