Wednesday, 31 May 2017

खुद पर यकिन

               
दोस्तो ने भारी गरीबी देखने के बाद तरक्की का सफर लगभग एक साथ ही षुरू किया धीरे धीरे दानो करोबार षुरू किए और जल्दी ही अपार संपति के माजिक बन गए दोनो में से दोस्त तो नए नए प्रयासो से कारोबारों का विस्तार देने में जुटा रहकर हमेषा प्रसन्ना रहता  वही दूसरा दोस्त न जाने किस चिंता में घुरता था। रहता  एक दिन जब  दानो को अवसर पर मिले तो पहले दोस्त ने दूसरे दोस्त उसकी चिंनता की वजह पूछा तब बोला दोस्त बवपन मे इतनी अधिक गरीबी देख ली कि डर लगता है। कि वही वापस गरिब न हो जाउ तब पहले दोस्त पे कहा  मैंइसी को  आपनी ताकत मानताहूं। मै यह सोचता हू की गरीबी तो मै कुछ नया होगा। ऐसा भावना से मै दोगुना मेहनत से काम कर पाता हूं। दूसरे दोस्त को बात का मूल समझ आ गया ।
मंत्र:- खुद पर यकिन रखें

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