Thursday, 29 June 2017

एप डवलपर्स बनकर संवारें अपने कॅरियर की राह

एप्स के कारण ही स्मार्टफोन यूजर्स की संख्या तेजी से बढ रहे हैं एप डवलपमेंट में कॅरियर के अवसर !

मोबाइल एप्लीकेषंस का बाजार तेजी से बढ़ा है। इससे एप डवपर्स के लिए जाॅब की संभावनाएं बढ़ गई है। वर्तमान में सभी सभी कंपनियां अपना कारोबार एप्स पर फोकस कर रही है, ताकि लोगो तक सीधी पहुंुच बनाई जा सके। स्मार्ट फोन का बाजार मोबाइल एप्स के कारण दोगुनी तेजी से बढ़ा है।
तेजी से बढ़ता फील्ड
देष में स्मार्टफोन का बाजार तेजी से बढ रही है। इसी के साथ मोबाइल एप्स भी बढ़ रहे हैं़ं।
मोबाइल एप्लीकेषन मार्केट बहुत तेजी से तरक्की कर रहा है। एक अनुमान के मुताबिक हर एक भारतीय प्रतिदिन औसतन 52 मिनट एप पर गुजारता है। सिर्फ आम यूजर्स ही नहीं, बल्कि बिजनेस और इंस्टीट्यूषनल यूजर्स भी स्ट्रेटेजी बनाने में इस्तेमाल करने लगे हैं। इसके अलावा जिस तरह से आए दिन नए लाॅन्च हो रहे हैं, उसे देखते हुए कंपनियों में तेजी से स्किल्ड एप डवलपर्स की मांग बढ़ रही है। खासकर उन्हें हाथो-हाथ लिया जा रहा है, जो खुद एप्स विकसित करने की क्षमता रखते हैं।    

         क्या है एप डवलपमेंट 

मोबाइल फोन, टैबलेट, स्मार्ट वाॅचेज या या डिलिटल असिसटेंट्स जैसे डिवाइसेज के लिए एप्लिकेषन साॅफ्टवेयर क्रिएट करने की प्रक्रिया को मोबाइल एप्लिकेषन डवलपमेंट कहते हैें।
एप्स हमारे जीवन में हर पल तेजी से प्रभावित कर रहे हैं। जैसे इन दिनो फेसबुक,
ट्विटर जैसे सोसल साइट्स और गेम्स के अलावा षाॅपिंग या सर्विस में भी एप्स का खुब इस्तेमाल हो रहा है। इन एप्स में मैन्युफैक्चरिंग के समय प्री-इंस्टाॅल या कस्टमर द्वारा डउनलोड किया जा सकता है।

                   जरुरी स्किल्स 

एक एप डवलपर को कंप्यूटर और प्रागरामिंग लैंग्वेज में रुचि होना जरुरी है। मोबाइल एप्स डवलपमेंट की फील्ड में काम करने के लिए वैप, एक्सएमएल, वीटीए, ब्राउजर्स (डब्ल्यूएमएल, एक्सएचटी एमएल), क्लाइंट्स (एसएमएम, ईमेल, चैट आदि) और स्टैक्स (वैप 2ण्0और टीसीपी/आईपी) आदि की जानकारी जरुरी है। इसकें अलावा कंप्यूटर लैंग्वेज सी, सी $$, आॅबजोक्टिव सी की जरुरत आईओएस (आईफोन, आईपैड) या जावा (एंड्राॅयड, ब्लैबेरी ओएस) के लिए पड़ती है।
                   

                     प्रमुख कोर्स  

बारहवी में पीसीए विशय के साथ कंप्यूटर विशय होना आवष्यक है। इसके बाद आप इन्फाॅमेंषन टेक्नोलाॅजी में बीटेक या एमसीए कर सकते हैं। एप डवलपर्स के पास सी, सी $$ और आॅब्जेक्टिव सी जैसी प्रोग्रोमिंग लैंग्वेज में प्रोफीषिंएंसी होनी जरुरी है। एप डवलपिंग कोर्स में आपको यूआई डिजाइन के बेसिक्स सिखाए जाते हैं। आप किसी एक आॅपरेटिंग सिस्टम के लिए एप डवलपिंग में स्पेषलाजेषन भी कर सकते हैं।    

                      कमाई      

बढी साॅफ्टवेयर कंपनी में षुरुवात में सालाना पैकेज 5.6 लाख रुपये तक होगा। जैसे.जैसे आपका अनुभव बढ़ता जाता है, वैसे.वैसे आपका सालाना पेकेज बढ़ता जाता है। आपको विदेष में काम करने का मौका मिल सकता है।
. षषि कांत सिंह


     
           




Blog Archive

Followers

Author Details