Thursday, 20 July 2017

Sandeep Das biography in hindi - | तबले का जादूगर - संदीप दास, ग्रैमी अवार्ड विजेता |

July 20, 2017

छह सालकी उम्र में ही संदीप दास खिलौने के बजाय टबले के मांग करते थे। एक बार स्कूल के एक टीचर ने उनके पिता से सिकायत की थी की वह पढ़ाई के दौरान मेज पर उंगली थिरकाते रिहते हैं। यहीं वो निषानियां थी, जिनसे तय हो गया की संदीप दास एक प्रसिद्ध तबला वादक बनने वाले हैं। उन्हें 59वें ग्रैमी अवाड्र्स से सम्मानित किया गया। उन्को सिल्क रोड़ एन्सेंबल ग्रप के साथ बेस्ट ग्लोबल म्यूजिक के लिए ग्रैमी अवार्ड दिया गया।वह 9 साल के उम्र में तबला गुरू पंडित किषन महराज के पास बनारस पहुंच गये।

                                                               संगीत के कारण मिला गोल्ड मेडल


संदीप का जन्म 23 जनवरी, 1971 को पटना में हुआ। उनका परिवार मुल रूप से पष्चिम बंगाल से था। संदीप ने अपनी स्कूलिंग सेंट जेवियर्स हाई स्कूल, पटना से की। उन्होनें बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी से इंग्लिष लिटरेचर में गोल्ड मेडल के साथ ग्रेजुएषन पूरी की। वह कहते हैं कि अगर संगीत से जुडे हैं तो आपकी मेमोरी अच्छी हो जाती है। 

        परिवार की वजह से मिली सफलता


संदीप के पिता जी उनको तबला सिखाने के लिए परिवार के साथ बनारस सिफ्ट हो गए। वर्श 1990 में संदीप प्रोफेषनल तबला वादक बनने के लिए दिल्ली पहंुचे। वह कहते हैं की मैं जो कुछ भी हुं, परिवार के वजह से हुं। परिवार ने मुझे अपने षौक पर गंभीरता से विचार करने का मौका दिया। हम मध्यमवर्गीय परिवार से थे, पर फिर भी षौक पूरा करने का मौका दिया।

          

               हमारा फोकस हुनर पे हो 


वर्श 2000 में चीनी मूल के अमरीकी संगीतकार यो यो मा के साथ हुई मुलाकात ने संदीप की दूनिया बदलकर रख दी। वह यो यो मा के साथ मिलकर परफाॅर्मेंस देते हैं। 2003 और 2009 में संदीप का नामांकन ग्रैमी अवार्ड के लिए हुआ था, पर उन्हें अवार्ड नहीं मिला वह कहते हैं कि भारत के लोग सिर्फ पढ़ाई की तरफ ध्यान देते हैं, जबकि हुनर पर फोकस होना चाहिए।  
  

सहीं फैसला लेने की क्षमता के कारण जेडी डाॅट काॅम के फाॅउंडर- लिउ कीअंगडोंग

July 20, 2017

14 फरवरी 1974 के जियांगसु में पैदा हुए लिउ कीअंगडोंग चीन के इंटरनेट एंटरप्रेन्योर हैं। उन्हें रिचर्ड लिउ के नाम से भी जाना जाता है। वह जेडी डाॅट काॅम के संस्थापक हैं। यह एक चीनी इलेक्ट्रोनिक ई-काॅमर्स कंपनी है। लिउ के पास 1.8 बिलियन अमेंरिकी डाॅलर की कुल संपत्ति है। अपने जीवन के षुरुआती दौर में उन्होने राजनीति में रुचि ली। वर्श 1996 में उन्होंने समाजषास्त्र में बैचलर्स डिग्री प्राप्त की। कड़ी मेहनत के बदौलत वह वह बिजनेस में तेजी से सफल हुए।


           

             सहीं समय पर सहीं फैसला लें


वर्श 2004 में लिउ ने अपनी पहली आॅनलाइन रिटेल वेब्साइट षुरु की। बाद में इसी वर्श जेडी डाॅट काॅम षुरु की। वर्श 2005 में उन्होने अपने सभी ब्रिक एडं मोर्टार स्टोर्स बंद कर दिए और ई-काॅमर्स कें फील्ड मेकं तेजी से कदम बढ़ाने लगे। लिउ अपनी सफलता के बारे में कहते है कि सहीं फैसला लेने की क्षमता के कारण ही वह सफल हो पाए हैं।



           कम्प्यूटर प्रोग्रामिंग सीखने लगे... 


लिउ ने चाइना यूरोप इंटरनेषनल स्कूल से ईएमबीए किया। जब उन्हें लगा की सिर्फ डिग्री लेने से नौकरी नहीं मिलेगी, तो उन्होंने कम्प्यूटर प्रोग्रामिंग सिखने के समय ही बिताना षुरु किया। काॅलेज के पढ़ाई के दौरान ही उन्हासेनें प्रोग्रामिंग से होने वाली आय को रेंस्टोरेंट वेंचर में निवेष किया। उस समय यह बिजनेस कुछ महीनों में ही फेल हो गया।

     

         डिस्ट्रीब्यूटर के रुप में काम किया   


गे्रजुएषन के बाद लिउ ने जपान लाइफ कंपनी में काम करना षुरु किया। वहां उन्होनें डायरेक्टर फोर कम्प्यूटर्स और डायरेक्टर फोर बिजनेस के रुप में सफलतापूर्वक काम किया। दो साल काम करने के बाद 1998 में उन्होनें मैग्नेंटो-आॅप्टिकल प्रोडक्ट्स के एक डिस्ट्रीब्यूटर के रुप में खुद का बिजनेस षुरु किया। वर्श 2003 तक उन्होनें 12 स्टोर खोल लिए।


सहवाग के संग 300 क्लब में करुण नायर

July 20, 2017
25 साल के इस युुवा भारतीय क्रिकेट का नाम आज हर क्रिकेट प्रेमी की जुबान पर है। हो भी क्यों नहीं, करुण नायर ने इतनी छोटी उम्र में कारनामा ही इतना बड़ा किया है। उन्हानेे अपने तीसरे अंतरराश्ट्रीय मैच में तिहरा शतक जमाकर अपना नाम दूनिया के दिग्गज क्रिकेटर्स की सूचि में षामिल कर लिया है। भारत और इंग्लैण्ड के बीच चली टेस्ट सीरीज के 5वें टेस्ट मैच में करुण नायर नाबाद 303 रन बनाकर अपने अंतरराश्ट्रीय कैरियर के पहले शतक को तीहरे शतक में बदलकर वीरेंद्र सहवाग के संग 300 क्लब में आ गए हैं।

         

          स्वभाव से काफी षर्मीलें हैं करुण


क्रिकेटर करुण नायर का जन्म 6 दिसम्बर 1991 को राजस्थान के जोधपूर में हूआ था। हालाकी वे मूल रुप से केरल के रहने वाले हैं। स्टेट लेवल पर करुण कर्नाटक की ओर से खेलतें हैं। क्रिकेट की मैदान पर खुल कर खेलने वाले और गेदबाजों के हांेष उड़ाने वाले करुण नायर काफी षर्मिलें हैं और कम बोलते हैं। वह किसी के साथ जल्दी धूल मिल नहीं पाते।

         

         शानदार खेल से बनाई पहचान 


करुण नायर ने अपना फस्र्ट क्लाॅस डेब्यू 2013 में किया, जबकि अंतरराश्ट्रीय क्रिकेट में साल 2016 में डढेब्यू किया। फस्र्ट क्लास में करुण का प्रदर्षन षानदार था। उनके षनदार खेल को देखते हूए ही आईपीएल 2016 में दिल्ली डेयरड़ेविलस ने उन्हें 4 करोड़ रुपए की बोली लगाकर खरीदा, जबकि उनका बेस प्राइस महज 10 लाख रुपए था।


     

           मिली थी शारीरिक मेहनत की सलाह


अपने अंतरराश्ट्रीय कॅरियर के तीसरे मैच ही में परिपक्व खेल का प्रदर्षन करन वाले करुण नायर प्री मेच्योर बेबी थे। इस वजह से बचपन में उनके फेफ्ड़ों की क्षमता कम थी। ड़ाॅक्टर्स नें उन्हें षरिरीक मेहनत की षलाह दि। इस वजह से उनके पिता उन्हें क्रिकेट के मैदान तक लेकर गए। षानदार खेल के चलते करुण भविश्य में कई रिकाॅड्र्स तोड सकते हैं।  

 




थेरेसा में, ब्रिटेन की नई प्रधानमंत्री

July 20, 2017


1 अक्टूबर 1956 को ईस्टबाॅर्न में जन्मी थेरेसा में ब्रिटेन की नई प्रधानमंत्री है वह 1992 और 1994 में हाउस आॅफ कामन्स के चुनाव में विफल हो चुकी थी 1997 में जनरल इलेक्षन में वह संसद चुनी गई । वह कन्जवेटिव पार्टी की चेयरपर्सन भी रही है। वह ब्रिटेन की दूसरी महिला प्रधानमंत्री है। इससे पहलें 1979 में मागरिट थैचर ब्रिटेन की पहली महिला प्रधानमंत्री बनी थी थेरेसा 1999 से 2010 तक  कन्जवेटिव पार्टीके षैडों कैबिनेट मेंश्रम षिक्षा और पेषन मंत्री रह चुकी है। 



                        

बैंक आॅफ इंग्लैड में काम किया है।


थेरेसा ने आपने बयान में कहा की ब्रिटेन यूरोपिन संघ में वापास नही लौटेगा और वह आपने दम पर बेहतरीन ब्रिटेन बनाने के लिए कड़ी मेहनत करेगी वह 1977 से 1983 तक बैंक आॅफ इंग्लैड में काम कर चुकी है। 1985 सें 1997 तक उन्होने असोसिएषन फोर पेयमेट क्लीयरिग सर्विसेज में काम किया वह कुछ समय काउसलर भी रही है।






       
      स्ंासद में पहुंचें ज्यादा महिलाएं 



थेरेसा नें 1977 में यूनिवर्सिटी आॅफ आॅक्सफोर्ड से भूगोल में स्नातक किया । उन्हे गंभीर स्पश्टवादी दृढ़ निष्चयी और काठोर फैसले लेनी वाली महिला के रूप में जाना जाता है। वह कहती है कि ब्रिटेन की संसद में ज्यादा सें ज्यादा महिलाए होनी चाहिए तभी वें अपनें हको के लिए लड़ पाएगी।








       
   लगातार मेहनत से पुरे होते सपनें

थेरेसा के पति फिलिप में कैपिटल इंटरनेषनल में इन्वेस्टमेंट बैंकर है। दंपती के कोई संतान नही है। थेरेसा काफी धार्मिक प्रवृति की महिला है। वह चर्च प्रार्थना के लिए नियमित रूप् से जाती है।  कुकिंग का भी काफी षौक हैं। वह लेटेस्ट फैषन को फाॅलों करने के लिए महषुर है। उनका मानना है कि व्यक्ति लगातार मेहनत करे तों आपने सापनों को साकार कर सकता है।



पहली भारतीय अमरीकी महिला है- प्रमिला जयपाल

July 20, 2017


प्रमिला जयपाल अमरीकन राजनीतिज्ञ

21सितंबर 1965 को चेन्नइ में पैदा प्रमिला जयपाल भारत की मूल की  अमरीका राजनीतिज्ञ है। वह वाॅषिंगटन राज्य के सातवें कांग्रेसनल जिले सें प्रतिनिधि सभा के लिए चुनी गई है। वह अमरीकी प्रतिनिधि सभा के लिए निवीचित  पहली भारतीय अमरीकी महिला है।उनका जन्म  भारत के एक तामिल परिवार में हुआ । पांच साल की उम्र में ह ीवह इंडोनेषिया और सिंगापुर चली गई ।16 साल की उम्र में वह अमरीका आ गईथी ।यही पर उन्होनें आपनी पढ़ाई पूरी की






    

चैपियन आॅफ चेज के रूप में पहचान 


प्रमिला ने जाॅर्ज टाउन यूनिवर्सिटी सें बैचलर्स डिग्री प्राप्त की ओर नाॅर्थ वेस्टर्न यूर्निवसिटी सें एमबीए किया उन्होनें 11 सितंबर 2001 को अमरीका पर हुए हमलें अप्रवासी समूहों का वकालत के लिए हैट फ्री जोन की स्थापना की उन्होने आव्रजन  नीतीओं में सुधारों के लिए प्रयास के लिए वर्श 2013 में व्हाइट हाउस नें उन्हे चैपियन आॅप चेंज के रूप में पहचान दी







  भारत से है अब काफी लगाव


प्रमिला कहती है कि मैं गांधी के देष से आती हूं  कि  युद्ध हमारे लिए आखरी विकल्प होना चाहिए न की पहला । भारत और अमरीका  को मिलकर बहुत सारे काम करने है। वह कहती है।कि भारत मेरे लिए अतुलीय महत्व रखता है।मेरे माता पिता अब ही भी वह रहतें है। भारत से मेरा लगाव है। 







मूल्यों व आधिकारों के लिए संधर्श .......


प्रमिला प्रगतिवादी एजेडें पर काम करना चाहती है। वह कहती है।कि हम पीछे नही हट सकते हमारा इरादा उन चीजों के लिए लड़ते रहना है। जिसके लिए में आपनी जिंदगी भर लड़ती रही हूं। उनका मनना है ििक महिलाओं को आपने फैसले खुद लेने चहिए वह अमरिका के लिए आवष्यक मूल्यों और अधिकारी के लिए किसी भी हद तक संधर्श करने के लिए तैयार है।


सं. रा. महासभा के नए अध्यक्ष- पीटर थाॅमसन

July 20, 2017

पीटर थाॅमसन, सं. रा. महासभा के नए अध्यक्ष

फिजी के वरिश्ठ रातनयिक पीटर थाॅमसन संयुक्त राश्ट्र महासभा के अगले यानी 71 वें सत्र के अध्यक्ष है। पीटर आगामी 16 सितबर से यह पद्भार संभालने वाले पीटर वर्श 2010 से  संयुक्त राश्ट्र में फिजी के साथ स्थायी प्रतिनिधि रहें है। उन्हे चार वोटो के अंतर से वैष्विक संस्था के अध्यक्ष के रूप् में चुना गया है। संयुक्त राश्ट्रमहासभा का अध्यक्ष बननें के दौड में उन्होने साइप्रस के एडियाज मैवराइयानिस को पीछे छोडा है। थाॅमसन को ग्रामीण विकास और अतरराश्ट्रीय मामलों में अच्छा खासा अनुभव है।

                                                                    

 छोटे से देष आया अध्यक्ष...


पीटर ने आॅकलैड यूनिवसिटी से बीए पाॅलिटिकल स्टीज और कैब्रिज पीजी डिप्लोमा इन डवलपमेट स्टडीज की पढ़ाई की है। संयुक्त राश्ट्र महासभा के अध्यक्ष के रूप् में चुने जाने के बाद उन्होने कहा  की यह पहली बार संभव हो सकते है। कि प्रषात में एक छोटे सेद्वीप का काई विकास षील देष से इस बडी वैष्विक संस्था की अध्यक्षता करने जा रहा है। उन्हाने सिविल सर्विस सें ही आपना  कॅरियर षुरू किया।


           
  जलवायुपरिवर्तन है प्रमुख मुद्दा 



अध्यक्ष चुने जाने पर पीटर नें कहा कि अपने कार्यकाल के दौरान वह जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर विषेंश तौर से मुखर रहेगे उन्होने यह भी कहा  िकइस दौरान टिकाउ विकास के 2030 के एजेडे को आगे बढाने पर और सभी17लक्ष्यों को हासिल करने के लिए की दिषा मेें प्रगति पर खास जोर दिया जाएगा।



       
   प्रमुख  संस्थाओं के अध्यक्ष रहे है के  


महासभा के अगले सत्र के अध्यक्ष बनने जा रहें है। पीटर इससे पहले भी काई अहम संस्थाओ का नंेतृत्व कर चुके है। वह 2014 मं यूएनडीपी के कार्यकारी बोर्ड के अध्यक्ष बने यूएन ग्रुप आॅफ एषियन स्टेट्स का नाम बदलकर एषिया पैसिफिक ग्रुप करवाने में उनकी अहम भूमिका रही है। पीटर को फिजी राश्ट्रीपति के हाथों आॅडर आॅफ फिजी से नवाजा जा चुका है।

इबोला सें लडने के लिए किया दान- पाॅल एलन, निवेषक

July 20, 2017


21जनवरी1953 को जन्मे पाॅल एलन अमरीका के उद्यमी निवेषक संगीतज्ञ और दनोवेटर है। बिल गे्रट्स के साथ मलकर उन्हाने माइका्रेसाॅप्ट कंपनी षुरू की वह दुनिया के 45 वें सबसे अमिर व्यक्ति है। उसके पास 17.7 बिलियन डाॅलर की संपति है। वह एलन इस्टीदयूट आफ ब्रेन साइस इस्टीदयूट फोर आर्टिफिषियल इंटेलीजेंस के संस्थापक भी है। पाॅल बिल ग्रेट्स के बचपन के दोस्त है। दो ही कम्प्युटर के लिए प्रोग्रमिग सीखना षुरू दिया था।





                                                            भविश्य की तकनीक आती है काफी पंसद 


पाॅल नें वाॅषिंगटन स्टेट यूनिवर्सिटी ज्ववॅइन की पर पा्रेग्रामर बनने के लिए उप्होने पढ़ाई बीच में छोड़ दी उन्हे खेलों में रूची है। इसके साथ ही स्पेसषिप में भी काफी रूची लेतें थें। उन्हे एयरप्लेन संग्रह करने का षौक था। वह हमेंषा भाविश्य में आने वाली तकनीक को प्रोत्साहित करने के लिए निवेष करते है। उन्हें इनोवेटिव सोेच वाले लोग काफी पंसदहै।








  कई क्षेत्रों में रूचि लेते है पाॅल


पाॅल को इलेक्ट्रिक गितार बजाना पंसद है। वह म्यूजिक पर एलबम जारी कर चुके है। वह इतिहास को संजोने के लिए म्यूजिकयम को फाड़ देतें है। पाॅल आपनी बहन जाॅडी के साथ् मिलकर एक फिल्म प्रोडक्षन कंपनी भी चालतें है। कई अर्वाड विनिंग फिल्म्स बन चुके है। वह इसानी दिमाग पर षोध करना पेसद करते है।





  इबोला सें लडने के लिए किया दान 


वह आपने द्वारा कमाई गई ज्यादातर संपति को दान करने की घोशणा कर चुके है। वर्श2014 में दक्षिण अफ्रीका में इबोला वायरस के कारण पैदा हुए महातारी से लडऋने के लिए उन्हाने 100 मिलियन डाॅलर दान में दिए वह वन्य जीव और प्र्यावरण संरक्षण के लिए भी काम करतें है। उनका मनना हैकी समाज के लिए कुछ करने से मन को काफी षांति मिलती है।





मेरा कुल संपति 23.9 बिलियन अमरिकन डाॅलर है

July 20, 2017

मा हुआटेंग, टेनसेट के संस्थापक


29 अक्टूबर 1971 को   षांताउ में जन्में मा हुआब्ेग चीन के इंनटरनेट एटरपे्रन्योर है। वह टेनसेट इनकाकाॅपेरिषन के संस्थापक अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी है। यह चीन की सबसे बड़ी इंटरनेट कंपनियों में सें एक है। यह कंपनी चीन की सबसे बडी मोबाईल इंस्टेट मैसेजिग सर्विस को नियंत्रित करती है। यह कपनी मिडिया और मनोरजन के फिल्ड में भी काम करती है। टाइम मैग्जीन उन्हे वर्श 2007 व 2014 में दुनिया के प्रभावषाली लोगो के सूची में षामिल कर चुकी है।  




 बचपन में माता पिता का हाथ बंटाते थें 


फोब्र्स ग्लोबल रिच लिस्ट के अनुसार हुआटेंग की कुल संपति 23.9बिलियन अमरिकन डाॅलर है। वह दुनिया के 30 वें अमीर व्यक्ति है। बवपन में वह खगोलषास्त्री बपपा चाहतें थें। जब उनके पिता माॅ चेनषू पोर्ट मैनेजर के रूप् में काम करतें थे। तों हुआटेंग आपने पिता के काम में मदद करतें थे। वर्श 1993 में षेनजेन यूनिवर्सिटि सें कम्प्युटर साइंस में बीएससी की।

  


दोस्तो के साथ षुरू की कंपनी


हुआटेंग नें पहली नौकरी चाइना मोषन टेलीकॅाम डवलपमेंट कंपनी में की वह वह पेजर के लिए साप्टवेयर विकासित करते थें। उस समय वह 176 डाॅलर प्रति माह कमातें थे। उन्हेनें इंटरनेट काॅलिंग सर्विसेज के लिए षेनजेन रनक्सन कम्य्ाूनिकेषन कंपनी में कम किया वर्श 1998 में उन्होने  आपने दोस्तों के साथ मिलकर टेंनसेट कंपनी की षुरूआत  की।






        विचारो से ज्यादा क्रियान्वयन जरूरी  


हुआटेंग कहते है कि अपने बिजनेस को सफलता बनाने के लिए आपको कड़ी मेहनत और सूझ बुझ से काम लेना पड़ता है। इंटरनेट के दुनिया में खुद की कंपनी को स्थापीत करने के लिए कईबार उन्हे विफलता का सामपा भी करना पड़ा पर दन्होने हिम्मत नही हारी वह कहतें है की जीवन में विचार महत्वपूर्ण नही है। उनका क्रियान्वयन ज्यादा महत्वपूर्ण है।










इकानाॅमिक्स में नोबेल प्राइज विनर- बेंग्ट होमस्ट्रोम

July 20, 2017

बेंग्ट होमस्ट्रोम,  इकानाॅमिक्स में नोबेल प्राइज विनर

 इकानाॅमिक्स में नोबेल प्राइज विनर 



अर्थषास्त्र के क्षेत्र में अभूतपूर्व योगदान के लिए वर्श 2016 का प्रतिश्ठि नोबेल पुरस्कार जीतने वालें फीनिष मूल के बेंग्ट होमस्ट्रोम अमरीका के मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट आॅफ टेक्नोलाॅजी में इकोनाॅमिक्स पढ़ातें है।1949 में फिनलैड मेें जन्मे बेंग्ट को यह पुरस्कार काॅन्ट्रैक्ट थ्योरी नर उनके द्वारा किए गाए षानदार काम के लिए दिया गया है। इस साल के पुरस्कार के लिए उनके साथ अमरीका के ओविवर हार्ट को भी चुना गया सिद्धात में षीर्श आधिकरीयों के प्रदर्षन आधरित वेतन बीमा कटौती आदि का वर्णन है।






             
काॅन्टैªक्ट थ्योरी की सराहना 


नोबेल पुरस्कार की घोशणा करने वाली समिति ने बंेग्ट और ओंलिवर द्वारा विकसित की गई काॅन्टैªक्ट थेयोरी को बेहद अहम बताया था। दानों अर्धषास्त्रयों नें नियोक्ता और कर्मचारी के बीच होने वाली अनुबंध की बारीकियों का अध्ययन करके उसके एक समय सिंद्धात के रूप में नेष किया इसी सिद्धात से उन्हे विष्व का बेहद प्रतिश्ठत माने जाने वाला सम्मान दिलाया।






               
एमआईटी को दिया श्रेय 


अर्थषास्त्र के नोबेल का घोशणा के बाद होमस्ट्रोम ने कहा था। की वह वह हैरान है। और सम्मनित महसूस कर रहे है। उन्होने ओलिवर हार्ट के साथ इस पुरस्कार को साझा करने में जाहिर की थी । अपने पुरस्कार का श्रेय  उन्होंने अपने संस्थान एमआईटी को देते हुए उसे काम करने का एक बेहतरीन स्थान बताया था।






           
पढ़ा मैथ्स और आॅपरेषन रिसर्च 


बैग्टने हेलंिसकी यूनिवर्सिटी से बीएस इन मैथ्स एंड साइस की डिग्री ली और फिर स्टेफोर्ड यूनिवर्सिटी से आॅपरेषन रिसर्च में मास्टर्स किया था। इसके बाद स्टेनफोर्ट के प्रतिश्ठित गे्रजुवेट स्कुल आॅफ बिजनेष से पीएचडी हासिल की थी वह विष्व का प्रतिश्ठित इकानाॅमिक जर्नल संपदित कर चुके है। और काई प्रतिश्ठित पुरस्कार जीत चुके है। 

Thursday, 29 June 2017

बाजार में आ गया है बीना चाबी के ताला जाने कैसे

June 29, 2017
आप आज के दौर में ताले इस्तेमाल कर रहें हैं, वे भविश्य में खराब हो सकते हैं। नोक लाॅक्स को भविश्य का लाॅक कहा जा सकता है। इसमे न तो कोई चाबी है और न कोई काॅम्बिनेषन। अगर आप अक्सर चाबियां कहीं भूल जाते हैं तो यह गैजेट आपके लिए काफी उपयोगी है। इसमे एक काईन बैटरी है, जिसकी बैटरी लाईफ 1 साल है। इसमे ब्ल्ूाटूथ है और यह एक एप से आपको प्रमाणिक डिवाइस से कनेक्ट होता है। एक बटन पर टैप करने से यह अनलाॅक हो जाता है। अगर कभी आपके स्मार्ट फोन की बैटरी खतम हो जाए तो आप अपात स्थिति में एक सीक्रेट कोड की मदद से इसे खोल सकते हैं।
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