अब तक जीत चुकी है 77 मेंडल
दीपा ने छह वर्श की उम्र में जिमनास्टिक की षुरूआत की उनके पिता वेटलिफ्टर और कोच रहे है। 2007 में जूनियर नेषनल काॅम्पिटिषन में मेडल जीतने के बाद उन्होने पीछे मुड़कर नही देखा वह 77 मेडल जीत चुकी है वह पा्रेडूनोवा वाॅल्ट में एक्सपर्ट है। ऐसा सिर्फ दुनिया के पांच महिला जिमनास्ट कर सकती है। वह कडी मेहनत में भरोसा करती है।लड़कियो के लिए है रोल माॅडल
बिष्वेष्वर नंदी 16 साल से दीपा का टेªनिग दे रहे थे। बचपन में जब दीपा उनके पास आई थी तो सबसें बड़ी चुनौती उनके फ्लैट पैर थे दीपा को जिमनास्ट बनने में काफी परेषानी आई पर उन्होने हार नही मानी उन्होने हर बाधा को पार कर खुद को दुनिया के सामने मजबूत साबित करके दिखाया।
जेखिम उठाने से मिली सफलता
पूरा देष दीपाकी उपलब्धि से गौरवान्वित है। इस बारे में दीपा कहती है। कि कुछ पाने के लिए इसान कों जोखिम लेना पड़ता है। मैने घंटों प्रैक्टिस करने के बाद यह उपलब्धि प्राप्त की है। वह कहती है।कि बवपन में मेरी जिमनास्टि में रूचिनही थी । पर पिता जी ने मुझे इसके लिए प्रेरित किया इसके बाद मैने ठान लिया कि जिमनास्टि के क्षेत्र में देष का नाम ऊंचा करके दिखाऊंगी।
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